प्रधानमत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा- भूटान की आवश्‍यकताओं की पूर्ति भारत की सर्वोच्‍च प्राथमिकता होगी।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और भूटान के प्रधानमंत्री लोते छेरिंग ने आज संयुक्‍त रूप से ई-रूपे कार्ड के दूसरे चरण की शुरूआत की। पिछले वर्ष अगस्त में प्रधानमंत्री मोदी की भूटान यात्रा के दौरान दोनों नेताओं ने परियोजना के पहले चरण की संयुक्त रूप से शुरुआत की थी।  पहले चरण की परियोजना पर अमल के बाद भारत से भूटान जाने वालों को एटीएम और पीओएस टर्मिनल के इस्‍तेमाल की सुविधा प्राप्‍त हुई है। श्रीमोदी ने कहा कि दूसरे चरण की परियोजना की शुरूआत से भूटान के नागरिकों को भारत में ये सुविधाएं मिलेंगी।

आज के बाद भूटान नेशनल बैंक द्वारा जारी किए गए, रुपये कार्डस के कार्ड धारक भारत में एक लाख से अधिक एटीम और टूवेंटी लाख से अधिक पॉइंट्स ऑफ सेल टर्मिनल की सुविधा उपयोग कर पाएंगे। मुझे विश्‍वास है कि इससे भूटान के यात्रियों को भारत में शिक्षा, स्‍वास्‍थ, तीर्थ यात्रा या फिर पर्यटन में बहुत सहुलियत रहेगी। इससे भूटान में डिजिटल ट्रांजेक्‍शन बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रूपे कार्ड के दूसरे चरण की शुरूआत से दोनों देशों के बीच संबंधों को और बढ़ावा मिलेगा।   उन्‍होंने कहा कि भारत और भूटान के बीच अनूठे संबंध समूची दुनिया के लिए एक मिसाल हैं।

भारत और भूटान के विशिष्‍ट संबंध हमारी विशेष मित्रता न सिर्फ दोनों राष्‍ट्रों के लिए अमूल्‍य है, बल्कि विश्‍व के लिए एक बेजोड़ उदाहरण भी है। पिछले वर्ष मेरी भूटान यात्रा अनेक स्‍मृतियों से भरी पड़ी है। हमने अपने सहयोग में डिजिटल, अंतरिक्ष और इमर्जिग टैक्‍नोलॉजी जैसे नए क्षेत्रों को शामिल करने के लिए महत्‍वपूर्ण पहल की थी। 

श्री मोदी ने कहा कि भारत कोविड-19 महामारी के  कठिन समय में भूटान के साथ खड़ा है। उन्‍होंने कहा कि भूटान की आवश्‍यकताएं पूरी करना भारत की सर्वोच्‍च प्राथमिकता में शामिल हैं।

श्री मोदी ने अगले वर्ष इसरो की सहायता से अंतरिक्ष में भेजे जाने वाले भूटान के उपग्रह पर तेजी से चल रहे काम पर भी प्रसन्‍नता व्‍यक्‍त की। उन्‍होंने कहा कि इसके लिए भूटान के चार अंतरिक्ष इंजीनियर दिसंबर में इसरो आएंगे।

भूटान ब्रॉडकास्टिंग और डिज़ास्‍टर मैनेजमेंट के लिए साउथ एशिया सैटेलाइट का और प्रभावी उपयोग कर पा रहा है। कल हमने पीसफुल यूज़ेज ऑफ आउटर स्‍पेस में सहयोग बढ़ाने के उद्देश्‍य से एक फ्रेमवर्क दस्‍तावेज़ पर हस्‍ताक्षर किए। इससे दोनों देशों की विभिन्‍न संस्‍थाओं के बीच सहयोग का मार्ग प्रशस्‍त होगा। मुझे इस बात की विशेष खुशी है कि अगले साल इसरो द्वारा भूटान की सैटेलाइट को अंतरिक्ष भेजने के लिए काम तेजी से चल रहा है। इसके लिए भूटान के चार होनहार युवा स्‍पेस इंजीनियर्स दिसम्‍बर में इसरो जाएंगे। 

भूटान के प्रधानमंत्री लोते छेरिंग ने कोविड महामारी से निपटने में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्‍व की सराहना करते हुए आशा व्‍यक्‍त की कि भारत महामारी के बाद और मजबूत होकर उभरेगा। उन्‍होंने कहा कि कोविड वैक्‍सीन विकसित करने में भारत की बढ़त सभी के लिए आशा की किरण है। श्री छेरिंग ने वैक्‍सीन तैयार होने के बाद भूटान को इसे उपलब्‍ध कराने के आश्‍वासन पर प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया।

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Virendra Sharma

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