सरकार ने किसानों को आश्वस्त किया न्यूनतम समर्थन मूल्य जारी रहेगा और कृषि सुधार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना है।

सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि कृषि सुधार के लिए हाल ही में बने तीन कानूनों से किसानों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य व्यवस्था बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी। गोवा की राजधानी पणजी में कल एक कार्यक्रम में उन्‍होंने कहा कि कृषि सुधारों का लक्ष्य किसानों की आमदनी बढ़ाना है।

श्री जावड़ेकर ने कहा कि देश एक राष्‍ट्र, एक बाजार की ओर बढ़ रहा है।

एक देश एक बाजार तैयार करने की यह रणनीति है। इन कृषि सुधार के कानूनों से एक देश, एक बाजार हो जाएगा और एक देश, एक राशन कार्ड की भी घोषणा की है। एपीएमसी चल रही है। दूसरा कहा था कि सरकारी खरीद बंद हो जाएगी, शायद शुरू हो गई है। ये पहली दफा इन बिलों से अधिकार मिलता है कि आप एपीएमसी में बेंचे या बाहर बेंचे, ये किसान का च्‍वाइस होगा या अनुबद्ध करें जिससे भी आपको अधिक पैसा मिलेगा वो कीमत तय करने का अधिकार अब किसान को मिला है। ये सबसे बड़ा फायदा इन कानूनों का है। ये देश एक बाजार तैयार करने की ये रणनीति है।

श्री जावड़ेकर ने कहा कि अब किसानों को अधिकतम मूल्‍य पर अपने उत्‍पाद बेचने की आजादी होगी। उन्होंने कहा कि प्‍याज, आलू और तेल को आवश्‍यक वस्‍तु अधिनियम से बाहर कर दिया गया है। अब किसान अपने उत्‍पादों का भंडारण कर सकते हैं और अपने पसंद के खरीदार को बेच सकते हैं।

मौजूदा खरीफ मौसम में न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य पर धान की खरीद के लिए 41 हजार से अधिक क‍िसानों को लगभग एक हजार 82 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। उपभोक्‍ता कार्य मंत्रालय के अनुसार अब तक पांच लाख 73 हजार टन से अधिक धान की खरीद हुई है। राज्‍यों में वर्ष 2020-21 के लिए धान की खरीद शुरू हो चुकी है।

इसी मौसम में कपास की खरीद भी पहली अक्‍तूबर से शुरू हो चुकी है। भारतीय कपास निगम ने न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य पर कपास की एक सौ 47 गाठें खरीदी हैं।

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Virendra Sharma

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